मलखानसिंह भदौरिया भिण्ड मप्र
मंगलवार, 24 अक्टूबर 2017
सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
50,000 से ज्यादा का लेने-देन अब नही होगा आसान ! मोदी का एक और तोहफा
बैंक में 50000 से अधिक जमा अब आसान नही
नई दिल्ली (23 अक्टूबर): अगर आप अभी तक बिना झिझक के 50 हजार रुपये से ज्यादा का लेन-देन करते हैं तो अब सावधान हो जाएं, क्योंकि अब बैंक और वित्तीय संस्थान आपसे ऑरिजनल पहचान पत्र भी दिखाना होगा केवल कॉपी से काम नहीं चलेगा।
सरकार ने निर्देश दिया है कि एक निश्चित सीमा से अधिक का लेन-देन करने वाले लोगों के मूल पहचान दस्तावेजों का उसकी कॉपीज से मिलाया जाए। इसके पीछे सरकार का उद्देश्य जाली या धोखाधड़ी कर बनाए गए दस्तावेजों के इस्तेमाल की संभावना को खत्म करना है। वित्त मंत्रालय के तहत राजस्व विभाग ने गजट अधिसूचना जारी कर मनी लॉन्ड्रिंग रोधक (रिकॉर्ड रखरखाव) नियमों में संशोधन किए हैं।
नए नियमों के तहत रिपोर्ट करने वाली इकाई को ग्राहकों द्वारा दिए गए आधिकारिक रूप से वैध दस्तावेज को ऑरिजनल और उसकी कॉपी के साथ मिलाना होगा। मनी लांड्रिंग रोधक कानून (पीएमएलए) देश में मनी लॉन्ड्रिंग और कालेधन के सृजन पर अंकुश लगाने का प्रमुख कानूनी ढांचा है।
अब किसी व्यक्ति या 50,000 रुपये से अधिक का लेन-देन करने वालों से बायोमेट्रिक पहचान नंबर आधार और अन्य आधिकारिक दस्तावेज लेना जरूरी है। इसी तरह की अनिवार्यता 10 लाख रुपये से अधिक के नकद सौदे या उतने ही मूल्य के विदेशी मुद्रा सौदे के लिए भी है। नियमों के अनुसार पांच लाख रुपये से अधिक के विदेशी मुद्रा के सीमापार लेन-देन और 50 लाख रुपये या उससे अधिक मूल्य की अचल संपत्ति की खरीद भी इसी श्रेणी में आती है।
गजट अधिसूचना में कहा गया है कि यदि आधिकारिक रूप से दिए गए वैध दस्तावेज में नया पता शामिल नहीं है तो बिजली, टेलिफोन बिल, पोस्टपेड मोबाइल बिल, पाइप गैस का बिल या बिजली का बिल पते के प्रमाण के रूप में दिया जा सकता है। हालांकि, ये बिल दो महीने से अधिक पुराने नहीं होने चाहिए।
शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
गये मोदी के दिन ,अब् नही चलेंगी ,जुमलेवाजी
https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=154867058446742&id=141484789784969
शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2017
भिण्ड, जिले में प्रशासन की सह पर अवैध खदान संचालित
भिण्ड, जिले में इन दिनों खनिज का अवैध व्यवसाय खुलेआम चल रहा है प्रतिदिन खदानों से हजारों डंफर खनिज का उत्खनन किया जा रहा है यह कार्य प्रशाशन की सह पर होता है ,भिण्ड जिले की खदानों के वर्तमान में कोई ठेके नही है उसके बाबजूध धड़ल्ले से खदानें चल रही है थाना भारौली ,अमायन,देहात कोतवाली , एरिया से रात दिन हजारों डंफर,ट्रक ओवरलोडेड अवैध खनिज 1000, और 500 कि रिश्वत देकर खनिज माफिआ आसानी से वाहन पास करा लेते है
अवैध उत्खनन की शिकायत पर कोई कार्यवाही नही होती ,पुलिस कार्यवाही के नाम पर दिखावा करती है राजनैतिक दलों द्वारा आपत्ति होने पर कुछ वाहन पर दिखावे की कार्यवाही कर दी है अगर वास्तविक प्रशाशन अवैध उत्खनन को बंद करने की मंसा रखती तो सबसे पहले अवैध रूप से चल रहीं खदानों को बंद किया जाना चाइये पर प्रशाशनिक अधिकारी माफियाओं के साथ खदानों में साझेदार है ऐसी स्थिति में प्रदेश सरकार के दावे विफल होते नजर आ रहे है जिस सरकार के कारिंदे ही सरकार की फजीहत करने को आमादा हो निश्चित ही एक दिन उस सरकार पर से जनता का विश्वास उठ जाता है ! प्रदेश का मुखिया एक ओर नदिया बचाने का ढोंग कर रहा है दूसरी ओर खुलेआम नदियों से खनिज की तश्करी करबा रहे है भिंड जिले मे पुलिस अधिकारियों के ऐसे कईबार ऑडियो/वीडियो वायरल हुई है जिसमे स्पष्ट रूप से प्रमाणित होता है कि खनिज की तश्करी क् पैसा पुलिस प्रशाशन के माध्यम से मुख्यमंत्री तक जा रहा है समाचार पत्र इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से समाज सेवकों व विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा कई बार इस तरह के आरोप भी लगाए गए है पर स्वार्थी ,लालची,धनलोलुप सरकार धन उगाही मे लगी हुई है खनिज के विरोध में जो भी ब्यक्ति आवाज उठाता है उसकी आवाज दवाने का प्रयास किया जाता है पुलिस प्रशाशन सरकार की सह पर

खुलेआम खनिज की तश्करी करबता रहा है आम जनता इन प्रकरणों को गंभीरता से ले और आगामी विधानसभा चुनाव में इसका जबाब दे !!
सोमवार, 16 अक्टूबर 2017
भिण्ड, जेल के कैदियों का लाखों का राशन हड़प रहा है जेल प्रशाशन, कैदियों को शिकायत ना करने की दी जाती है हिदायत ,प्रतिमाह लाखों का भ्रष्टाचार उच्च न्यायालय के समक्ष जनहित याचिका प्रस्तुत की जायेगी*
Human rights can not be buried in prison walls
भिण्ड, जेल में बंदियों/हवालातियों, के साथ ज्यादिती का मामला सामने आया है, जेल प्रशाशन के DG साहब के नये सर्कुलर अनुसार जेल में डाइट नही दी जा रही बड़े पैमाने पर शाशन के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है ! प्रतिदिन की डाइट का 10 फीसदी भी राशन बन्दियों तक नही पहुच रहा ! बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की आशंका है बंदियों को शिकायत ना करने की हिदायत दी जाती है और धमकाया जाता है कि अगर शिकायत की गई तो 'अन्य जेल के लिए स्थानांतरण कर देंगे" श्रीमान् जेल डी.जी.सहित अपर सचिव, जेल विभाग,जेल मंत्री को शिकायत भेजी गई है ! 10 दिवस मे जाँच नही हुई तो मानव के अधिकार की लड़ाई हेतु "माननीय उच्च न्यायालय" के समक्ष "जनहित याचिका" प्रस्तुत की जायेगी "सवाल यह नही है की कैदियों को यातनाये दी जा रही है ! मानव अधिकारों का हनन हो रहा है ' सवाल यह है कि शाशन की लाखों की राषि प्रतिमाह ,कैदियों के राशन पर खर्च होती है ! शाशन यह राषि कैदियों के भोजन हेतु आवंटित कर रहा है फिर , कैदियों से बत्तर कोन इंशान है जो इस राषि को हड़प रहा है ,यह राषि जनता की है और जनता पर कर लगाकर बसूली जाती है हमे अधिकार है यह जानने का की जनता का पैसा जा कहाँ रहा है
Human Rights and Corruption Eradication Organization mp
रविवार, 1 अक्टूबर 2017
भिण्ड, जिले में पुलिस प्रशाशन की सह पर खुलेआम चल रहीं है अवैध खदानें
अवैध उत्खनन की शिकायत पर कोई कार्यवाही नही होती ,पुलिस कार्यवाही के नाम पर दिखावा करती है राजनैतिक दलों द्वारा आपत्ति होने पर कुछ वाहन पर दिखावे की कार्यवाही कर दी है अगर वास्तविक प्रशाशन अवैध उत्खनन को बंद करने की मंसा रखती तो सबसे पहले अवैध रूप से चल रहीं खदानों को बंद किया जाना चाइये पर प्रशाशनिक अधिकारी माफियाओं के साथ खदानों में साझेदार है ऐसी स्थिति में प्रदेश सरकार के दावे विफल होते नजर आ रहे है जिस सरकार के कारिंदे ही सरकार की फजीहत करने को आमादा हो निश्चित ही एक दिन उस सरकार पर से जनता का विश्वास उठ जाता है ! प्रदेश का मुखिया एक ओर नदिया बचाने का ढोंग कर रहा है दूसरी ओर खुलेआम नदियों से खनिज की तश्करी करबा रहे है भिंड जिले मे पुलिस अधिकारियों के ऐसे कईबार ऑडियो/वीडियो वायरल हुई है जिसमे स्पष्ट रूप से प्रमाणित होता है कि खनिज की तश्करी क् पैसा पुलिस प्रशाशन के माध्यम से मुख्यमंत्री तक जा रहा है समाचार पत्र इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से समाज सेवकों व विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा कई बार इस तरह के आरोप भी लगाए गए है पर स्वार्थी ,लालची,धनलोलुप सरकार धन उगाही मे लगी हुई है खनिज के विरोध में जो भी ब्यक्ति आवाज उठाता है उसकी आवाज दवाने का प्रयास किया जाता है पुलिस प्रशाशन सरकार की सह पर
खुलेआम खनिज की तश्करी करबता रहा है आम जनता इन प्रकरणों को गंभीरता से ले और आगामी विधानसभा चुनाव में इसका जबाब दे !!
